पलामू : झारखंड में बनी फिल्म ‘स्प्रिंग थंडर’ कई देशों में होगी प्रदर्शित, जल, जंगल और जमीन की है कहानी

पलामू

पलामू: झारखंड के जल, जंगल, जमीन और माइनिंग की कहानी बताने वाली फिल्म स्प्रिंग थंडर विश्व के कई देशों में दिखाई जाएगी. स्प्रिंग थंडर को अमेरिका में बे एरिया फिल्म फेस्टिवल के लिए बेस्ट डायरेक्टर समेत कई अवार्ड मिल चुका है.

स्प्रिंग थंडर की 80 से 90 प्रतिशत शूटिंग झारखंड में हुई है, जबकि बाकी का हिस्सा छत्तीसगढ़ और देश के दूसरे इलाकों में हुआ है. स्प्रिंग थंडर का निर्माण पलामू के रहने वाले श्रीराम डाल्टन ने किया है. श्रीराम डाल्टन को राष्ट्रिय फिल्म पुरस्कार और अमेरिका में बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड मिल चुका है. स्प्रिंग थंडर यूरोप, अमेरिका के कई देशों के फेस्टिवल में भेजा जा रहा है. भारत में 2019 के अंत तक फिल्म रिलीज होगी. स्प्रिंग थंडर का निर्माण 2015-16 में हुई है.

झारखंड के जल जंगल जमीन की कहानी बताती है फिल्म

फिल्म के निर्देशक श्रीराम डाल्टन बताते है कि झारखंड के नेतरहाट के वादियों से निकल कर जल, जंगल और जमीन की कहानी कहती है. उन्होंने बताया कि फिल्म माइनिंग के साथ-साथ क्लास और कास्ट की कहानी बताता है. फिल्म में नेतरहाट के इलाके में हर वर्ष होने वाले ग्रामीणों के आंदोलन को भी दिखाया गया है. फिल्म एक चाय, पान वाले के बेटे और इंजीनियर के बेटे के साथ कहानी शुरू होती है. उन्होंने बताया कि फिल्म के माध्यम से पूरे विश्व में जल, जंगल, जमीन की लड़ाई को बताते हैं.

फिल्म में अपनी आवाज देने वाली बॉलीवुड सिंगर मेघा श्रीराम बताती है कि फिल्म वास्तविक कहानी बताती है. दो घंटे की यह फिल्म जल, जंगल, जमीन और पर्यावरण संरक्षण की है. फिल्म में 70 प्रतिशत से अधिक कलाकार पलामू के हैं.

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