हरिहरगंज : बीमार मां की दवा लेने गए युवक को हाइवा ने रौंदा, मौत

पलामू लातेहार

हरिहरगंज : बीमार मां की दवा लेकर लौट रहे युवक की मौत हाइवा की चपेट में आने से हो गई। घटना पिपरा थाना क्षेत्र अंतर्गत दुबटिया पिपरा- जपला पथ पर गोसाईडीह मोड़ के समीप हुई। मृतक की पहचान गोसाईडीह के घूरा भुईंया के पुत्र 25 वर्षीय रविन्द्र भुइयां के रूप में की गई। घटना से आक्रोशित लोगों ने गोसाईडीह मोड़ के पास शव के साथ पीपरा-जपला रोड जाम कर दिया। वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर स्थित माइंस में जाकर कार्यालय में तोड़फोड़ कर वहां खड़ी हाईवा, जेसीबी, पोकलेन आदि क्षतिग्रस्त कर दिया। मृतक रविद्र भुईयां की शादी 17 मई को होनेवाली थी। बताया जाता है कि रविद्र भुईयां घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य था जो अपनी बीमार मां की दवा लेने के लिए पिपरा बाजार गया था। वहीं से लौटने के क्रम में रविवार की रात करीब 9 बजे गोसाईंडीह मोड़ के समीप वह तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आ गया। हाईवा उसका शरीर बुरी तरह कुचल दिया। जिससे घटनास्थल पर ही रविन्द्र की मौत हो गई। घटना के बाद हाइवा चालक वाहन लेकर फरार हो गया। स्थानीय लोगों के द्वारा घटना की सूचना परिजनों को देने के साथ ही पुलिस को दी गई। घटना से आहत आक्रोशित ग्रामीणों ने रात्रि में ही सड़क जाम कर दिया। जिससे माइंस की ओर आने-जाने वाले हाइवा का परिचालन ठप रहा। हालांकि अन्य वाहनों का दूसरे रास्ते से आवागमन होता रहा। सोमवार की सुबह पुलिस घटनास्थल पर पहुंची जाम में शामिल लोग मृतक के आश्रितों को रोजगार व मुआवजे की मांग कर रहे थे। जामस्थल पर पिपरा बीडीओ देवेंद्र कुमार, हरिहरगंज थाना प्रभारी वंशनारायण सिंह, पिपरा थाना प्रभारी महानंद सुरीन एएसआई संजय कुमार सिंह तथा पिपरा जिप प्रतिनिधि संदीप पासवान, प्रमुख प्रतिनिधि मोहन प्रसाद गुप्ता, समाजसेवी बबलू सिंह, मुलायम यादव ,अखिलेश यादव, सुनील सिंह, अजय यादव, रेखा यादव पहुंचे और लोगों को समझाया बुझाया। माइंस प्रबंधन ने मृतक के आश्रित को चार लाख मुआवजा व एक परिजन को रोजगार देने का आश्वासन दिया। साथ ही बीडीओ ने सरकारी प्रावधान के मुताबिक हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इसके बाद 15 घंटे से लगा जाम हटा। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए मेदिनीनगर भेज दिया।

 

घटना के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन व माइंस प्रबंधन के विरुद्ध लोगों में दिखा आक्रोश

हरिहरगंज : घटना के बाद जहां लोगों में स्थानीय पुलिस प्रशासन के प्रति आक्रोश देखा गया वहीं माईंस प्रबंधन के रवैये पर भी मनमानी का आरोप लगाया। गोसाईंडीह सहित आसपास के कई गांव के ग्रामीणों ने बताया कि घटनास्थल से महज दो किमी की दूरी पर थाना स्थित है। सूचना के बावजूद भी पुलिस दूसरे दिन सुबह घटनास्थल पर पहुंची। स्टोन माइंस प्रबंधन द्वारा जिन हाइवा का परिचालन कराया जाता है, उसमें कई चालक नशे में धुत होकर तथा बगैर ड्राइविग लाइसेंस के नवसिखुआ तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं। इससे हमेशा सड़क पर खतरा बना रहता है। इसके अलावा माईंस में दिन-रात ब्लास्टिग का कार्य होता है। इससे आए दिन हमेशा लोगों में किसी अनहोनी को लेकर भय व्याप्त रहता है।

(कैपिटल न्यूज़ पलामू को लाइव देखने और एप डाउनलोड करने के लिये यहां क्लिक करें)

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र होकर निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता...

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *