शिक्षा का मंदिर या भ्रष्टाचार की दुकान

पलामू

जब शिक्षक का नैतिक पतन होता है, तभी मन्दिर मयखाना बन जाता है। जिसकी बानगी सरेआम हो गयी, और ये कहीं और नही पलामू के हुसैनाबाद मुख्यालय स्थित ए. के सिंह डिग्री कॉलेज की कहानी है। जहां के प्राध्यापकों ने प्रैक्टिकल एग्जाम में परीक्षा लेने के बजाय छात्रों से पैसे वसूले, और मनमाने ढंग से प्रायोगिक
परीक्षा में नम्बर चढाये। ए. के सिंह के नाम से स्थापित इस डिग्री कॉलेज में पैसे लेकर परीक्षा पास करने की खबर पर आप अचंभित नही होंगे , तब जब जानेंगे कि यहाँ के शिक्षक परीक्षा के दौरान छात्रों के सामने शराब पीते हैं।
भ्र्ष्टाचार की कमाई से अइयाशी करने में कोई कोर कसर नही छोड़ते, इसका पर्दाफाश तब हुआ जब बीएससी पार्ट 1 के प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान दो प्रोफेसर हरेक छात्रों से 1 – 1 हजार रुपये की अवैध वसूली कर रहे थे, औऱ उनसे ही शराब मंगवाकर एग्जामिनेशन हॉल में बैठकर खुलेआम पैग का मजा ले रहे थे। इस दौरान किसी ने चुपके से उनका वीडियो बना मीडिया को भेज दिया, तब जाकर इनकी कारस्तानी जगजाहिर भी हुई, और प्रशाशन तक भी पहुँच गयी। शिक्षा के मंदिर यानी महाविद्यालय में भ्र्ष्टाचार और अइयाशी का अड्डा देख प्रशाशन हरकत में आयी, और ए. के सिंह डिग्री कॉलेज के प्राचार्य को प्रोफ़ेशरों पर एफआईआर दर्ज कर कड़ी कारवाई का निर्देश दिया।

ए के सिंह कॉलेज के सर्वश्री अशोक कुमार देव, व्याख्याता रसायन विभाग, रवि कुमार व्याख्याता भौतिकी विज्ञान, राहुल कुमार सिंह व्याख्याता जंतु विज्ञान, सुनील कुमार सिंह व्याख्याता रसायन विज्ञान, नरेश सिंह व्याख्याता रसायन विज्ञान और प्रमोद कुमार सिंह व्याख्याता रसायन विज्ञान के विरुद्ध हुसैनाबाद थाना में प्रायोगिक परीक्षा में अवैध राशि वसूली हेतु प्राथमिकी दर्ज की गई है।

दरअसल वीडियो में दिख रहा ग्लास शराब से भरा हुआ है, तो नीचे शराब और पानी की बोतल पड़ी है। शिक्षा के मंदिर को बेचने वाले दोनो प्रोफेशरो को इतनी भी लज्जा नही आई कि जिन्हें गढ़ने की जिम्मेदारी सरकार और अभिभावकों ने दी है, उन्हें निखारने के बजाय रसातल में भेजने का कार्य कर रहे हैं। भले ही विवाद के बाद जपला का चर्चित ए. के सिंह डिग्री कॉलेज आज की सुर्खियां बन रही है, पर महाविद्यालय के अंदर की हक़ीकत सामने आ गयी । जहां खुलेआम चोरी ही नही बल्कि डकैती की जा रही है। और ये कोई एक शिक्षक या शिक्षकेतर कर्मी की बात नही है इसमें कॉलेज से लेकर यूनिवर्सिटी तक के जिम्मेवार लोगों की पलामू को उच्च शिक्षा स्तर मुहैया कराने के खोखले दावे को दुनिया के सामने ले आयी है। वीडियो में 100 रुपया घटने के बाद जिस तरह उन्हें फेल करने की धमकी दी जा रही है, ये बताने के लिए काफी है कि ये खेल आज का नही है। उच्च पदाधिकारियों के सह पर दोनों शिक्षक शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मियों की मिली भगत से भ्रस्टाचार की दुकान खोल ली। डिग्री कॉलेज के नाम पर डिग्रियां बेची जा रही है। जिला प्रशासन के संज्ञान में आये ही पलामू के सर्वे सर्वा, उपायुक्त अमित कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को जांच कर कारवाई का निर्देश दिए हैं, पर इस बात की चर्चा भी जोरों पर है, शिक्षक नाम की प्रतिष्ठा को कलंकित करने वाले प्राध्यापक ऐसी सजा के हकदार हैं, जिनके बाद फिर कोई पलामू के कर्णधारों के साथ वसूली न कर सके, फिर कोई मन्दिर मयखाना न बन पाये ।

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