पलामू के एक वीर के शहादत की कहानी | Capital News Palamu

पलामू के एक वीर के शहादत की कहानी

मेदिनीनगर : हम आपको उस वीर की कहानी सुनाने जा रहे जिसके बारे में जानकर हर पलामू-वासी का सीना फक्र से चौड़ा हो जायेगा. 20 साल पहले जिसने अपने सीने पर गोली खाकर देश को सुरक्षित रखने के लिए शहादत दी थी, कैपिटल न्यूज़ परिवार नमन करता है पलामू के उस वीर युगम्बर दीक्षित और उनके पूरे परिवार को, जिनके वजह से आज हम सब सुरक्षित महसूस करते हैं. कारगिल शहीद युगम्बर के 20वें शहादत दिवस पर पांकी विधायक देवेंद्र सिंह उर्फ  बिट्टू सिंह ने शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया और युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर देश सेवा के लिए कृतसंकल्पित होने की बात कही, 

शहीद युगम्बर के 20वें शहादत दिवस पर उनके बेटे युध्ज्जय ने जब माल्यार्पण कर अपने पिता को श्रद्धांजलि दी तो उपस्थित लोगों का कलेजा फट पड़ा. याद आ गया वो मंजर जब युध्ज्जय का जन्म भी नही हुआ था और गर्भ में पल रहे युध्ज्जय के सर से पिता का साया उठ गया. महज 20 साल की उम्र में युगम्बर की पत्नी उषा दीक्षित का पूरा संसार उजड़ गया, शहीद के परिवार में सहादत का क्या मर्म होता है देखिये इस रिपोर्ट में.