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झारखंड में कोरोना से हाहाकार, एक ही दिन में 1882 पॉजिटिव, 7 मौतें; रांची में 858

रांची : झारखंड में कोरोना से हाहाकार मच गया है। एक ही दिन में करीब 1900 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं। गुरुवार को राज्य में 1882 नए कोरोना मरीजों की पहचान हुई। इनमें राजधानी रांची में सर्वाधिक 858 कोरोना मरीज मिले हैं। पूर्वी सिंहभूम में आज 204 नए कोरोना मरीज मिले। आज राज्य में कोरोना से कुल 7 मरीजों की मौत हुई है। राज्य में 24 घंटे के भीतर 498 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ भी हुए। रांची में आज 858 कोरोना मरीज मिलने के बाद नीचे से ऊपर तक शासन-प्रशासन में खलबली मच गई। रांची में आज कोरोना संक्रमित छह मरीजों की मौत हो गई।

रांची में 24 घंटे में मिले 858 कोरोना मरीज, पूरे झारखंड में 1,882 

राज्य में कोरोना का संक्रमण खतरनाक रूप से लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि एक दिन पूर्व राज्य में जहां 1,312 कोरोना संक्रमित मिले थे, वहीं गुरुवार को पूरे राज्य में 1,882 नए कोरोना मरीजों की पहचान हुई। जिलों की बात करें तो रांची में भी लगातार तीन दिनों तक पांच सौ से अधिक नए मरीज मिलने के बाद गुरुवार को 858 नए मरीज मिले। रांची तथा झारखंड दोनों में पिछले साल पांच सितंबर के बाद इतनी अधिक संख्या में मरीज मिले हैं। पिछले साल पांच सितंबर को रांची में 656 तथा पूरे झारखंड में 1,774 संक्रमित मिले थे।

गुरुवार को रांची के छह तथा साहिबगंज में एक मरीज की हुई मौत

झारखंड में गुरुवार को कुल 28,568 लोगों की कोरोना जांच हुई, जिनमें सौ में छह से अधिक संक्रमित पाए गए। हमेशा की तरह रांची में जहां सबसे अधिक मरीज मिले, वहीं इस लहर में पहली बार पूर्वी सिंहभूम में आंकड़ा दो सौ से पार हो गया। पूर्वी सिंहभूम में 204 नए मरीज मिले। कई अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में नए मरीज मिले। इधर, राज्य में कुल सात मरीजों की मौत हो गई जिनमें छह सिर्फ रांची के हैं। राहत की बात यह है कि राज्य में 24 घंटे के भीतर 498 मरीज स्वस्थ भी हुए।

झारखंड में सक्रिय मामले अब नौ हजार से पार, रांची में 4,720 मरीज  

झारखंड में सक्रिय मामले (वर्तमान में संक्रमित) की संख्या बढ़कर अब 9,249 हो गई है। फरवरी के पहले सप्ताह में ऐसे मामले की संख्या राज्य में महज 428 थी। इधर, रांची में भी सक्रिय मामले बढ़कर अब 4,720 हो गए हैं। इस तरह, झारखंड के सक्रिय मामले में आधे से अधिक सिर्फ रांची में हैं।

किस जिले में कितना मिले मरीज

  1. बोकारो : 70
  2. चतरा : 22
  3. देवघर : 72
  4. धनबाद : 91
  5. दुमका : 67
  6. पूर्वी सिंहभूम : 204
  7. गढ़वा : 17
  8. गिरिडीह : 09
  9. गोड्डा : 44
  10. गुमला : 43
  11. हजारीबाग : 94
  12. जामताड़ा : 27
  13. खूंटी : 35
  14. कोडरमा : 50
  15. लातेहार : 05
  16. लोहरदगा : 12
  17. पाकुड़ : 11
  18. पलामू : 08
  19. रामगढ़ : 36
  20. रांची : 858
  21. साहिबगंज : 40
  22. सरायकेला : 12
  23. सिमडेगा : 13
  24. पश्चिमी सिंहभूम : 42

ऐसे बढ़ रहा संक्रमण

दिन - रांची - झारखंड

  • 31 मार्च 351 693
  • 1 अप्रैल 369 690
  • 2 अप्रैल 368 694
  • 3 अप्रैल 472 873
  • 4 अप्रैल 446, 788
  • 5 अप्रैल 569 1,086
  • 6 अप्रैल 539 1,264
  • 7 अप्रैल 562 1,312
  • 8 अप्रैल  858  1,882

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25 फीसद बेड कोरोना मरीजों के लिए सुरक्षित रखें निजी अस्पताल, लगातार बढ़ाएं बेड

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने गुरुवार को निजी अस्पताल संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें 25 फीसद बेड कोरोना मरीजों के इलाज के लिए सुरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रत्येक तीन-चार दिनों पर बेड की संख्या बढ़ाने को कहा है। गुरुवार को नामकुम स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ के सभागार में उन्होंने निजी अस्पताल संचालकों से कहा कि निजी अस्पतालों को सरकार द्वारा निर्धारित रेट पर ही इलाज करना होगा। साथ ही इलाज की दरों का अपने नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर अनिवार्य रूप उल्लेख भी करना होगा। उन्होंने कहा कि कुछ अस्पताल मनमानी राशि वसूल रहे हैैं। ऐसे अस्पतालों पर कार्रवाई होगी।

बैठक में कई निजी अस्पतालों के संचालकों के नहीं पहुंचने पर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान, झारखंड के अभियान निदेशक रविशंकर शुक्ला को निर्देश दिया कि ऐसे अस्पताल संचालकों से स्पष्टीकरण मांगा जाए। साथ ही उन्होंने इंसीडेंट कमांडर को सभी अस्पतालों के निरीक्षण करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि अस्पतालों को राज्य सरकार द्वारा तय कोविड प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। उन्होंने प्रोटोकॉल का अनुपालन नहीं करने पर लाइसेंस रद करने चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छह घंटे पर प्रशासन को अस्पताल में बेड की उपलब्धता की जानकारी अनिवार्य रूप से देनी होगी।

बैठक में बिना लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेशन में रखने तथा गंभीर मरीजों के ही अस्पताल में भर्ती पर जोर दिया गया। बैठक में स्वास्थ्य सचिव केके सोन नतथा अभियान निदेशक रविशंकर शुक्ला आदि भी उपस्थित थे। अभियान निदेशक ने अस्पताल प्रतिनिधियों से कहा कि वे अधिक से अधिक बेड जिन अस्पतालों को विभाग से मदद की आवश्यकता है उनकी आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा। निजी अस्पतालों द्वारा ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता बताए जाने पर उसे दो-तीन दिनों के अंदर उपलब्ध करा दिया जाएगा।

आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को मिले कोविड किट

निजी अस्पतालों ने बैठक में सुझाव दिया कि दिल्ली की तरह झारखंड में भी होम आइसोलेशन में रहनेवाले मरीजों को कोविड किट उपलब्ध कराया जाए। साथ ही प्रतिदिन दूरभाष पर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जाए ताकि व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बढ़े।

इन अस्पतालों में तीन-चार दिनों में बढ़ेंगे इतने बेड

देवकमल अस्पताल : 13, नागरमल मोदी सेवा सदन : 26 मेदांता अस्पताल : 30, अंजुमन इस्लामिया : 10 से 15, प्रॉमिस हेल्थ केयर : 07, सैनफोर्ड हॉस्पिटल : 20, महावीर मेडिका हॉस्पिटल : 17, पल्स हॉस्पिटल : 20, रामप्यारी हॉस्पिटल : 07

दवा की न हो कमी, न हो कालाबाजारी, दुकानों पर रखें नजर

स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव तथा अभियान निदेशक ने अलग से औषधि निदेशक ऋतु सहाय तथा औषधि प्रशासन के अन्य पदाधिकारियों के साथ भी बैठक की। इसमें मंत्री ने कहा कि राज्य में किसी भी कीमत पर जीवनरक्षक या अन्य दवा की कमी न हो। उन्होंने कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए नियमित रूप से दवा दुकानों के स्टॉक तथा बिक्री की जांच करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि औषधि निदेशक यह सुनिश्चित करें की अस्पतालों में दवा की उपलब्धता हमेशा रहे।

बैठक में अधिकारियों ने कहा कि कोरोना मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक दवाइयां जैसे रेमडेसिविर, फेवीपिराविर, आइवरमेक्टिन, विटामिन सी, जिंक, डॉक्सीसाइक्लीन आदि की उपलब्धता अस्पतालों में उचित मूल्य पर सुनिश्चित किया जा रहा है। बैठक में ऑक्सीजन की उपलब्धता की भी समीक्षा हुई। बताया गया कि ऑक्सीजन सिलिंडरों के 17 निर्माता हैं, जिनके द्वारा पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन निर्माण कर आपूर्ति की जा रही है। मंत्री ने कहा कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता हमेशा रहे, इसे भी सुनिश्चित किया जाए।