image not available सीएस समेत 166 चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों को लगा कोविशील्ड टीका | Capital News Palamu

सीएस समेत 166 चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों को लगा कोविशील्ड टीका

मेदिनीनगर/ चैनपुर (पलामू) : पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर स्थित मेदिनीराय मेडिकल कालेज अस्पताल व चैनपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से शनिवार को कोविड- 19 टीकाकरण अभियान शुरू हुआ। इसी के साथ राष्ट्रव्यापी अभियान के प्रथम दिन पलामू जिला भी शामिल हो गया।

मेडिकल कालेज अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मचारी नागेश्वर दुबे को पहला टीका लगाया गया। इसके बाद सिविल सर्जन डा. जान एफ केनेडी, डीआरसीएचओ डा. अनिल कुमार, डा सुशील पांडे ,डा.अमर कुमार, डा.उर्मिला श्रीवास्तव. डा अनिल कुमार श्रीवास्तव. डा. गौरव विशाल, डा गरिमा प्रकाश, डा.अभिषेक कुमार, डा. वलेमा देवगम, डा. अर्चना तिवारी, डा.नीलम होरो समेत शाम तक 100 में 87 चिकित्सक व स्वास्थकर्मियों को टीका का पहला डोज दिया गया। इस केंद्र पर एएनएम मृद्ला कुमारी ने सभी को टीका लगाया।

चैनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कुंती देवी व लाडले हसन समेत 79 स्वास्थ्यकर्मियों को कोविशील्ड टीका का पहला डोज दिया गया। यहां भी 100 चिकित्सक व कर्मियों को टीका लगाना था। इससे पूर्व पलामू के उपायुक्त शशि रंजन मेदिनीराय मेडिकल कालेज अस्पताल व चैनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित कोरोना टीकाकरण आरंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। साथ ही टीकाकरण को लेकर की गई तैयारियों व पूरी गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने लाभुकों के प्रवेश से लेकर प्रतीक्षा करने, टीकाकरण करने व टीकाकरण के बाद लाभुकों को 30 मिनट तक अवलोकन कक्ष में निगरानी में रखे जाने की व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। टीका लेने के बाद अवलोकन कक्ष में पहुंचे चिकित्सक व कर्मियों में किसी प्रकार हुई गतिविधियों पर नजर रखने के लिए फिजीशियन एमडी मेडिसिन डा. रोहित पांडेय तैनात थे।

उपायुक्त ने टीकाकरण के लिए पूरे प्रोटोकॉल का सख्ती से अनुपालन करने का निर्देश दिया। अब इन दोनों केंद्र पर 18 जनवरी को टीके दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव हेतु टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो चुकी है। पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों को टीकाकरण किया जा रहा है। यह टीका पूरी तरह से कारगर है। इसे लेकर किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने सभी से टीकाकरण के लिए आगे आने की अपील की। साथ ही टीकाकरण कराने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को शुभकामनाएं दी। टीका लेने के बाद उपायुक्त ने स्वास्थकर्मियों से बातचीत कर उनका अनुभव व हालचाल जाना व पहले दिन टीका लगवाने की बधाई दी। उन्होंने टीका लगने के बाद भी सबों को सावधानियां बरतने की सीख दी। उन्होंने कहा कि सभी लोग कोविड-19 के गाइडलाइन का अनुपालन करें। शारीरिक दूरी का पालन सहित भीड़ से बचें, मास्क पहने, सैनिटाइजर या साबुन-पानी से हाथों की सफाई करते रहें।

टीका लेने के बाद नहीं हुई कोई समस्या: सीएस मेदिनीनगर 

कोविशील्ड टीका लेने के बाद सिविल सर्जन डा. जान एफ केनेडी ने अपने अनुभवों को साझा किया। कहा कि कोविशील्ड का टीका लेने से उन्हें किसी तरह की कोई समस्या या तकलीफ नहीं हुई। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों व आमजनों से गोविन पोर्टल पर निबंधित कराकर टीकाकरण के लिए आगे आने की अपील की। कहा कि टीकाकरण सौभाग्य व गर्व की बात है। यह हमें कोविड-19 महामारी से बचाव करेगा। सीएस ने टीका पूरी तरह से सुरक्षित बताया। कहा कि जिन लाभुकों को 16 जनवरी को पहला डोज का टीका पड़ा है, उन्हें अब 14 फरवरी को टीका का दूसरा डोज लगाया जाएगा।

चैनपुर में डीडीसी ने की शुरुआत

उप विकास आयुक्त शेखर जमुआर ने शनिवार को चैनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आयोजित कोरोना टीकाकरण आरंभ कराया। उन्होंने टीका लेने वाले स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साहवर्धन कर शुभकामनाएं दी। डीडीसी ने स्वास्थ्यकर्मियों सहित अन्य लोगों को भी कोविड-19 के संक्रमण से बचाव को लेकर कोविशील्ड टीका लगवाने के लिए आगे आने की अपील की।

अस्पताल अधीक्षक डा. केएन सिंह, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आफताब आलम, डा. अनृप, डीपीएम स्वास्थ्य दीपक कुमार, सुखराम बाबू, कनक राज पाठक, सुनित कुमार आदि कई चिकित्सक व स्वास्थकर्मी उपस्थित थे। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चैनपुर में रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. एसकेपी यादव, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक सुनीता कुमारी, लेखा प्रबंधक धीरज कुमार सिन्हा, डाटा प्रबंधक संजीव कुमार, डा. डीपी केसरी, डा. अनिता कुमारी, डा. राहुल रंजन, डा. चमन कुमार आदि उपस्थित थे।

10 व्यक्तियों को पहुंचने पर खोला गया वायल मेदिनीनगर (पलामू) :टीकाकरण के निर्धारित स्थल पर 10 व्यक्तियों को जमा होने के बाद वैक्सीन का वायल खोलकर चिह्नित व्यक्तियों को टीकाकरण किया गया। एक वाइल में 10 डोज थे। पूर्व में निबंधित हर व्यक्ति को 0.5 एमएल का टीका लगाया गया।

टीकाकरण के बाद लाभार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा था। टीकाकरण के बाद 30 मिनट तक की ऑब्जर्वेशन रूम में रखे स्वास्थ्यकर्मियों से किसी भी प्रतिक्रिया के बारे में पूछा जा रहा था।