बाघिन की मौत के बाद पूरे परियोजना क्षेत्र की हो रही स्कैनिंग

बेतला (लातेहार) : पलामू टाइगर रिजर्व एरिया के बेतला नेशनल पार्क के समीप शनिवार रात एक बाघिन की मौत हो गई।

बाघिन की मौत के बाद पूरे परियोजना क्षेत्र की हो रही स्कैनिंग






बेतला (लातेहार) : पलामू टाइगर रिजर्व एरिया के बेतला नेशनल पार्क के समीप शनिवार रात एक बाघिन की मौत हो गई। आम दिनों की तरह वन विभागीय कर्मी पेट्रोलिग के लिए जंगल में गए तो पाया कि बेतला नेशनल पार्क के रोड नंबर दो चतुर बथुआ के पास बाघिन पड़ी है, काफी देर तक शरीर में कोई मूवमेंट नहीं होने पर करीब जाकर देखने पर पता चला कि उसकी मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद कर्मियों ने मामले की जानकारी सीनियर अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही सीनियर अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। बाघिन के शव से थोड़ी ही दूरी पर बायसन (जंगली सांड़) के झुंड का पदचिन्ह मिला, कुछ दूरी पर कई बायसन और बाघिन के पदचिन्ह मिले। इससे अनुमान लगाया गया कि बाघिन की मृत्यु बायसन के झुंड से चली लड़ाई के बाद हुई होगी। हार्ट अटैक से हुई मृत्यु पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र के निदेशक वाइके दास ने बताया कि बाघिन की उम्र 16 वर्ष होने के कारण उसके दांत घिस गए थे। उम्र अधिक होने के कारण वह शारीरिक रूप से कमजोर भी हो गई थी। रात के समय बायसन के झुंड ने बाघिन को देखा होगा और हमला कर दिए होगा। बाघिन के शरीर में बायसन की सिग से कई स्थानों पर चोट के निशान भी मिले हैं। चोट लगने के बाद बाघिन को हार्ट अटैक आ गया होगा और उसकी मृत्यु हो गई।

चिकित्सकों की टीम ने किया पोस्टमार्टम

रांची ओरमांझी बिरसा जैविक उद्यान के चिकित्सक डॉ. अजय कुमार व डालटनगंज के चिकित्सक डॉ. चंदन कुमार ने बाघिन के शव का पोस्टमार्टम किया। डॉ. अजय कुमार ने बताया कि बाघिन के शरीर पर बायसन के सिग से कई स्थानों पर चोट का निशान पाया गया है। पोस्टमार्टम के बाद बाघिन के शरीर के मांस को फारेंसिक जांच के लिए हैदराबाद भेज दिया गया है।