हाईवे राहत शिविर से प्रवासी राहगीरों को राहत : सत्येंद्र नाथ तिवारी

गढ़वा : गढ़वा रंका विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक श्री सत्येंद्र नाथ तिवारी ने गढ़वा जिला में कोरोना मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या पर चिंता जाहिर की है।

हाईवे राहत शिविर से प्रवासी राहगीरों को राहत : सत्येंद्र नाथ तिवारी
हाईवे राहत शिविर से प्रवासी राहगीरों को राहत : सत्येंद्र नाथ तिवारी






गढ़वा : गढ़वा रंका विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक श्री सत्येंद्र नाथ तिवारी ने गढ़वा जिला में कोरोना मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या पर चिंता जाहिर की है। साथ ही कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से एवं प्रवासी मजदूरों का राज्य सरकार से विश्वास टूटने की वजह से झारखंड के बाहर अन्य प्रदेशों में फंसे प्रवासी मजदूर सैकड़ों किलोमीटर पैदल, साइकल या अपनी व्यवस्था से गढ़वा आने को विवश एवं मजबूर हैं।

श्री तिवारी ने कहा गढ़वा 3 राज्यों की सीमा से सटा हुआ है। इसी के मद्देनजर मेरे द्वारा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार राज्य की तरफ से आने वाले प्रवासी मजदूरों को ध्यान में रखकर गढ़वा रंका विधानसभा क्षेत्र के तीन प्रमुख सड़कों डाल्टनगंज-गढ़वा पथ के तिलदाग मोड, विंढमगंज-गढ़वा पथ के लगमा तथा रामानुजगंज-गढ़वा पथ के रंका में खाने की समुचित व्यवस्था की गई है। जिसका लाभ राज्य सरकार की उपेक्षा का दंश झेल रहे हजारों राहगीर प्रतिदिन भोजन कर उठा रहे हैं। इससे बढ़कर मेरे लिए कोई पुनीत कार्य हो ही नहीं सकता।

उन्होंने कहा कि पूर्व में भी कई बार बाहर से आ रहे प्रवासी मजदूरों को सेंट्रल क्वॉरेंटाइन सेंटर में ऑब्जरवेशन अवधि तक रखने के बाद ही घर जाने की सलाह मेरे द्वारा दी गई थी। किंतु सरकार ने प्रवासियों को होम क्वॉरेंटाइन कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। परिणाम स्वरूप गढ़वा में भी संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा बढ़ गया है।

इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए गढ़वा से सहानुभूति रखने का झूठा दिखावा करने वालों को भी नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि इस वैश्विक महामारी में गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के लोगों का सहयोग करिए, मुंह मत मोड़िए। उन्होंने सभी सक्षम गढ़वावासी से यथा संभव गरीबों को सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि दुख की घड़ी में जरूरतमंद लोगों का सहयोग करने से बढ़कर कोई पुण्य का कार्य नहीं हो सकता। साथ ही जो प्रवासी मजदूर बाहर से आ रहे हैं, सरकार से उन्हें होम क्वॉरेंटाइन के बदले चिकित्सीय सुविधा की निगरानी में सरकारी क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखने की मांग की है। ताकि संक्रमण का फैलाव ना हो सके।