पलामू सेंट्रल जेल में आधी रात को पड़ा छापा, 3 घंटों तक चला सर्च अभियान

पलामू

सेंट्रल जेल में रविवार की देर रात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने छापेमारी की. टीम ने जेल के हर सेल की जांच की. छापेमारी रात एक बजे से चार बजे तक हुई. पलामू सेंट्रल जेल में लगभग 1100 कैदी हैं. जिनमें कई कुख्यात अपराधी और नक्सली भी शामिल हैं.

छापेमारी में 100 से अधिक प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल थे. प्रशासन और पुलिस को सूचना मिली थी कि जेल के अंदर कुछ कैदियों की गतिविधि संदिग्ध है. इसी सूचना के आलोक में छापेमारी की गई है. हालांकि छापेमारी में टीम को जेल के अंदर से कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला है. पुलिस ने बताया कि त्यौहार के दौरान अपराधिक गतिविधि पर लगाम लगाने के लिए छापेमारी की गई है. साथ ही छापेमारी से जेल की सुरक्षा भी सुनिश्चत की गई है.

छापेमारी में सदर एसडीएम नंदकिशोर गुप्ता, डीएसपी मुख्यालय सुरजीत कुमार, प्रेमनाथ, जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष कुमार, पंचायती राज पदाधिकारी शांति कुमार पांडेय, डीएसओ नीरज कुमार, जेलर प्रमोद कुमार, टाउन थाना प्रभारी आनंद कुमार मिश्रा, सदर थाना प्रभारी ममता कुमारी और दुलर चौड़े शामिल थे. छापेमारी में पहली बार बड़ी संख्या में महिला बल का इस्तेमाल किया गया. 

सेंट्रल जेल में बंद गई कुख्यात नक्सली और अपराधी 

पलामू सेंट्रल जेल में कुख्यात माओवादी और अपराधी बंद हैं. सेन्ट्रल जेल में कुख्यात विकास तिवारी, संदीप थापा और कन्हैया सिंह बंद हैं. इसके अलावा डब्लू सिंह, विकास दुबे, सुजीत सिन्हा गिरोह के कई शूटर भी यहां बंद है. पलामू में जेल के अंदर से पहले कई बार रंगदारी मांगी जा चुकी है. जिसके बाद जेल में लगातार छापेमारी हो रही है. करीब एक वर्ष पहले हुई छपेमारी में कुख्यात विकास तिवारी के सेल कई कई ब्रांडेड सामान बरामद हुए थे. विकास के पास से कीमती घड़ी, विदेशी परफ्यूम के साथ कई लग्जरी सामान मिले थे. जिसके बाद मामले में पुलिस ने आपत्ति जताई थी. 

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