चंदवा : जीएम से मिलने की आस नहीं हुई पूरी, सैलून से ही किया निरीक्षण

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चंदवा : टोरी जंक्शन पहुंचे लोगों को तब झटका लगा जब जीएम विशेष सैलून से बिना नीचे आए और लोगों से मिले बिना ही चल पड़े। जानकारी के अनुसार पूर्व मध्य रेल जीएम ललितचंद्र त्रिवेदी टोरी जंक्शन और रेलवे समपार फाटक पर सड़क परिवहन की समस्याओं से अवगत होने व टोरी कोल साइडिंग के निरीक्षण को टोरी जंक्शन पहुंचने वाले थे। मध्याह्न पश्चात लगभग पौने एक बजे जीएम की स्पेशल सैलून टोरी जंक्शन पहुंची। रेलवे के पदाधिकारी व स्थानीय लोग जीएम से मिलकर समपार फाटक 12 ए/टी पर आरओबी निर्माण की वस्तुस्थिति से अवगत होना चाह रहे थे लेकिन उनकी आस पूरी नहीं हो सकी। कुछ क्षण पश्चात स्पेशल सैलून वहां से खुल पड़ी। रेलवे क्रॉ¨सग के नजदीक कुछ पलों के लिए रूकी। जीएम की टीम द्वारा विंडो इंसपेक्शन किया गया। टोरी टीआई शिवशंकर सिंह, एसएस अशोक कुमार समेत रेल के पदाधिकारी, रेलवे सुरक्षा बल व अन्य दौड़े लेकिन यहां भी वही हुआ। स्पेशल सैलून वहां से भी निकल पड़ी। जीएम सैलून के आंखों से ओझल होने तक लोग खड़े रहे। जीएम के स्पेशल सैलून के चले जाने के बाद लोगों ने कहा कि यह कैसा निरीक्षण।

सैलून से नीचे नहीं उतरे पदाधिकारी, ग्रामीणों में रोष

पूर्व मध्य रेल जीएम ललितचंद्र त्रिवेदी व टीम द्वारा विशेष सैलून से नीचे नहीं उतरने व लोगों की समस्याओं से अवगत नहीं होने के बाद लोगों में रोष देखने को मिला। लोगों ने कहा जब रेल प्रबंधन का अपना काम निकालना था तो लोगों को आश्वस्त किया गया कि आरओबी निर्माण के लिए सारी प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली गई है। अक्टूबर महीने में यहां होनेवाले इंटरलॉकिंग कार्य में डीआरएम अनिल कुमार मिश्र समेत उनकी टीम 4 से 6 अक्टूबर तक जमी रही। हजारों कर्मियों ने दिन-रात मेहनत कर कार्य को अंजाम तक पहुंचाया। इसके बाद रेल प्रबंधन ने फिर वही रवैया अपना लिया। अग्रसोची रेल प्रबंधन अपने कामों के लिए जितनी दिलचस्पी दिखाता है अगर आरओबी निर्माण के लिए पूर्व में पहल कर दी गई होती तो शायद अबतक आरओबी का निर्माण हो गया होता और जनता को क्रॉ¨सग जाम की समस्या से निजात मिल गया होता। यह बात दीगर है कि 5 सितंबर को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष आश्विनी लोहानी ने झारखंड के मुख्य सचिव को पत्र लिख कर टोरी समपार फाटक 12 ए/टी पर आरओबी निर्माण के लिए पहल का अनुरोध किया है। उनका यह अनुरोध कब कारगर होगा और आरओबी निर्माण शुरू होगा, यह भविष्य के गर्त में है क्योंकि इससे पूर्व भी रेलवे आरओबी निर्माण के लिए एनएचआई की जिम्मेवार बता अपना पल्ला झाड़ता रहा है। हलांकि स्थानीय रेल प्रबंधन इस बावत कुछ कहने से परहेज करता दिखा।

नवम्बर महीने में क्रासिंग जाम में फंसकर हो चुकी है दो लोगों की मौत : 24 नवम्बर को लवागड़ा (बालूमाथ) निवासी अभिषेक भगत (पिता प्रकाश भगत) और 14 नवम्बर को भी टोरी समपार फाटक 12 ए/टी पर फंसकर स्टेशन मास्टर दिलीप पांडेय की मां राजमुनी देवी की मौत हो गई थी। इसके अलावा भी कई मौतें रेलवे क्रासिंग पर हो चुकी है।

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