मेदिनीनगर : झारखंडवासियों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं : जदयू

पलामू

मेदिनीनगर : झारखंड सरकार ने सरकारी नियुक्तियों में 75 फीसद पदों पर बाहरी लोगों को नियुक्त कर दिया है। झारखंड के लोगों की उपेक्षा की जा रही है। स्थानीय लोगों की उपेक्षा जदयू बर्दाश्त नहीं करेगा।

उक्त बातें जदयू के पलामू जिला अध्यक्ष राजनारायण पटेल ने कहीं। वे सोमवार को जदयू के तत्वावधान में स्थानीय कचहरी परिसर में आयोजित एकदिनी धरना में बोल रहे थे। धरना का आयोजन पारा शिक्षकों की हड़ताल के समर्थन समेत अन्य मांगों के लिए किया गया। मौके पर जदयू नेताओं ने कहा कि पारा शिक्षक व सभी अनुबंधकर्मी सरकार की दोहरी नीति के विरोध में आंदोनरत हैं। इन दोनों की मांगें जायज हैं। वक्ताओं ने कहा कि 18 साल के बाद भी झारखंड की स्थिति में सुधार नहीं हो रही है। झारखंड निर्माण के लिए स्थानीय लोगों ने आंदोलन किया। आने वाली पीढ़ी को यहां की सरकार उपेक्षा कर रही है। कहा कि सरकार की गलत नीति के कारण समाज को शिक्षित करने वाले पारा शिक्षक जेल में बंद है। और उन्हें यातना दी जा रही है। कहा कि अब पारा शिक्षक अपनी जायज मांग को लेकर आंदोलन पर है तो सरकार उन्हें कानून का भय दिखा कर प्रताड़ित कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि राज्य के पारा शिक्षक, बीआरपी, सीआरपी, मनरेगाकर्मी तथा अन्य अनुबंधकर्मी का वेतन महज 8 से 10 हजार है। उनका सरकार के द्वारा शोषण किया जा रहा है। मांगों के समर्थन में एक ज्ञापन उपायुक्त के द्वारा झारखंड के राज्यपाल को दिया गया। मांगपत्र में पारा शिक्षकों के वेतन वृद्धि, शिक्षण संस्थाओं का मर्जर बंद की जाए, दोहरी स्थानीय नीति तत्काल प्रभाव से समाप्त करने, स्वामीनाथन कमेटी को लागू करने, महंगाई पर रोक लगाने, झारखंड विधानसभा क्षेत्र की संख्या 81 से बढ़ाकर 150 करने समेत अन्य कई मांग शामिल है।

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