झाड़ -फूंक के चक्कर में सांप काटने पर चार बच्चो की माँ ने तोडा दम

गढ़वा

तीन बेटी और एक बेटे की मां की मौत का कारण भले ही सांप का काटना बताया जा रहा है, पर जो मामला सामने आया है उसमें अज्ञानता और अंधविश्वास की जड़ शामिल है। सर्पदंश का शिकार हुई रेहला निवासी संजय गुप्ता के पत्नी अनिता देवी ने आखिरकार दम तोड़ दिया। सांप काटने से के बाद पहले तो उसे कधवन स्थित बाबा के पास ले जाया गया। उसके बाद इलाज संभव ना हुआ तो गढ़वा सदर अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया गया, लेकिन भर्ती कराने के बाद भी श्री बंशीधर नगर झाड़-फूंक कराने के नाम पर ले जाया गया। इधर उधर अज्ञानता के भाग दौड़ में आखिरकार संभव हो चुका इलाज अनिता को नसीब नहीं हुआ और जिंदगी की सांस टूट गई। अनीता की मौत ने परिवार को तो गमजदा कर ही डाला पर उस समाज को भी जिसमें क्या एक मौत पर भी संवेदना नहीं झकझोरती।

 कौन है अनीता की मौत का जिम्मेदार ??

अज्ञानता, अंधविश्वास के जग में आए परिजन??

ओझा-गुणी झाड़-फूंक के चक्कर में ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर पर अपने दुकान चलाने वाले बाबा ??

या फिर अस्पताल में आने पर पर भी उन्हें विश्वास में नहीं ले पाने या समय पर समुचित इलाज नही कर पाने वाले अस्पताल प्रबंधक??

जिम्मेदार कोई भी हो दोषवार सब है। अब भी सांप काटने पर होने वाले मौत के बाद शर्म तो आनी ही चाहिए।

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