राज्य सरकार की कथनी और करनी में फर्क : सत्येंद्र नाथ तिवारी

गढ़वा : गढ़वा रंका विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक श्री सत्येंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा झारखंड सरकार से देश के कोने कोने में फंसे झारखंड के प्रवासी मजदूरों की सूची और ट्रेन परिचालन हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग की जा रही है.

राज्य सरकार की कथनी और करनी में फर्क : सत्येंद्र नाथ तिवारी






गढ़वा : गढ़वा रंका विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक श्री सत्येंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा झारखंड सरकार से देश के कोने कोने में फंसे झारखंड के प्रवासी मजदूरों की सूची और ट्रेन परिचालन हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग की जा रही है ताकि केंद्र सरकार द्वारा आवश्यकतानुसार रेल मुहैया कराई जा सके लेकिन राज्य सरकार प्रवासी मजदूरों की सूची व अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के बजाय प्रवासी मजदूरों को हवाई जहाज से लाने की बात कह कर प्रवासियों के साथ भद्दा मजाक कर रही है।

श्री तिवारी ने कहा कि आज राज्य सरकार की उपेक्षा के कारण प्रवासी मजदूर हजारों किलोमीटर से पैदल झारखंड वापस आने के लिए मजबूर हैं। राज्य सरकार इन प्रवासी मजदूरों के लिए राज्य के अंदर भी वाहन एवं खाने पीने की व्यवस्था कर पाने में अक्षम है।

पूर्व विधायक ने कहा कि झारखंड सरकार के पास प्रवासी मजदूरों की घर वापसी संबंधित कोई कार्ययोजना नहीं होने के कारण लाखों की संख्या में प्रवासी आज सड़कों पर पैदल यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सिर्फ शनिवार ही मेरे द्वारा गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के तीन हाईवे राहत शिविर केंद्रों पर 5000 प्रवासी राहगीरों को भोजन कराया गया। झारखंड सरकार द्वारा इनके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है जो राज्य सरकार की नाकामी और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार चलाई जा रही दो महत्वकांक्षी योजनाएं (1) मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के माध्यम से राज्य के 35 लाख किसानों के खाते में 5000 से ₹25000 तक की राशि हस्तांतरित होने से किसान खुशहाल एवं कर्ज के बोझ में डूबने से बचते थे। लेकिन वर्तमान सरकार ने इस योजना को बंद करके राज्य के किसानों को धोखा दिया है।

साथ ही झारखंड में (2) ₹1 में 50 लाख तक की परिसंपत्ति महिलाओं के नाम निबंधन होता था। जिससे महिला सशक्तिकरण को बल मिलता था। लेकिन वर्तमान महागठबंधन की सरकार ने उसे भी बंद कर महिला सशक्तिकरण को आघात पहुंचाने का काम किया है।

श्री तिवारी ने राज्य सरकार से पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा संचालित दोनों योजनाओं को पुनः प्रारंभ करने की मांग की है। साथ ही झारखंड सरकार को सलाह देते हुए कहा है कि सबसे पहले प्रवासी मजदूरों को भारतीय रेल के द्वारा मुहैया कराई गई सुविधा के माध्यम से उनको गंतव्य तक पहुंचाया जाए ताकि लाखों की संख्या में सड़कों पर विवश प्रवासियों की जान बचाई जा सके।