डालटनगंज चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स ने ख़ास महल मुद्दे को लेकर किया विरोध

पलामू

सलामी शब्द ही दासता का प्रतीक है। ये गंभीर आरोप मढ़ा है उस डाल्टनगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स ने जिसने व्यवसायीयों के हितों के लिए हमेशा कार्यरत और कटिबद्ध दिखलाई पड़ी, जिसने बहुमत की सरकार बनाने में अप्रत्यक्ष तौर पर ही सही समर्थन देकर तिसरी सरकार तक बनवाई। वो भाजपानीत सरकार के राज में काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन करते पलामू जिला मुख्यालय में नजर आ रहे हैं, जिन्हें चुनाव पूर्व खासमहाल समस्या के निराकरण का भरोसा दिया गया था। मेदिनीनगर के व्यवसायीयो का संगठन डाल्टनगंज चैंबर ने चरणबद्ध आंदोलन की नींव रख दी। उनकी माने तो दस फिसदी सलामी वो कतई नहीं देंगे। अपने जमीन का मालिकाना हक सरकार को नहीं बनने देंगे। मुख्य बाजार में घूम घूम कर चैंबर के सदस्यों ने सरकार के नीतियों के खिलाफ खड़े होने की व्यवसायीयों समेत आम जनमानस को अपील की। डालटनगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विनोद उदयपुरी की माने तो पहले जमींदारी प्रथा जिस तरह थी, उसी तरह अब सरकारी प्रथा हो गई है, जिसका विरोध सिलसिलेवार होता रहेगा।

वहीं चैंबर के महासचिव अमित आनंद की माने तो मोदी और रघुवर की सरकारें तो आम आदमी की समस्या सुन रही है, और समाधान भी कर रही है। मगर स्थानीय जनप्रतिनिधि ही जनता की आवाज उन तक पहुंचा रहे हैं। वो अपने ही सिस्टम को फलने फूलने की जुगत में दिन रात मगन है। साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि किसी की भी सरकार हो गुलामी बर्दाश्त नहीं की जाएगी… इसके लिए सरकार से लड़ने के लिए चैंबर तैयार है।

काला बिल्ला लगा कर अभी तो विरोध प्रदर्शन और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जा रहा है। मगर जड़ में तो वही सवाल है, खासमहाल में किसको अधिकार है ? कर वसूलने में सरकारें लगी है।

(कैपिटल न्यूज़ पलामू को लाइव देखने और एप डाउनलोड करने के लिये यहां क्लिक करें)

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र होकर निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता...

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *