बरवाडीह : रोशनी के नाम पर अंधेरा क्यो

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बरवाडीह : स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर विधुत आपूर्ति में पिछले एक महीने से भारी कटौती… विधुत अधिकारी बेपरवाह..जनता परेशान….!बताते चले को पिछले महीने से बरवाडीह प्रखंड में बिजली के पोलो पर स्ट्रीट लाइट लगाने का काम चल रहा है जिसके कारण बिजली आपूर्ति सही नही होने के कारण लोग अंधेरे में रहने पर विवश है और सरकार विकास का ढोल पीटते फिर रही हैं।जिन क्षेत्रों में अभी तक स्ट्रीट लाइट लगाई गई है वो भी खराब हो चुकी है इससे यह पता चलता है कि इस योजना में कितनी घोर भ्रष्टाचार सरकार के नाक के नीचे हो रही है पर सरकार आँख पर पट्टी बांध कर मुखदर्शक बनी बैठी है एक महीने से लाइट लगाने का कार्य चल रहा है पर अभी तक यह कार्य क्यो पूरा नहीं हुआ इसकी जबाबदेही किसकी है ? ऊपर से लाइट लगने के कुछ ही दिनों में खराब हो गई आखिर ये क्या हो रहा हैं जनता के पैसो का बंदरबाट क्यो….कौन है इसका जिमेदार ?
स्ट्रीट लाइट लगने से लोगों में उत्साह जगी की अब अंधरे से छुटकारा मिलेगा…रोशनी मिलेगी…पर उन्हें की पता था उनकी ये खुशी ज्यादा दिन तक नही रहेगी…चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात वाली कहावत चरितार्थ हो गया। क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर खानापूर्ति की गई,जिससे लोगों में काफी रोष देखा जा रहा है स्ट्रीट लाइट के सामग्रि में क्वालिटी का ध्यान नही रखा गया जिस कारण स्ट्रीट लाइटे एक एक करके खराब होती जा रही…आखिर गुणवक्ता से समझौता क्यो और किसके कहने पर…!जनप्रतिनिधि से लेकर विधुत विभाग आलाधिकारी भी मौन है।कोई कुछ कहने को तैयार नही ।तो आखिर क्यों चुने हम ऐसे निरंकुश जनप्रतिनिधि जो जनता के प्रति उत्तरदायी ही न हो…केवल ठेकेदारों व विचौलियों से घिरा रहता हो।विधुत विभाग के अधिकारी भी कान में तेल डाल कर सोय रहते है विधुत उपभोक्ताओं को बेवजह परेशान करना ही बस इनकी नियति बन गई है।रघुवर सरकार लाख विकास की बांसुरी बजा ले पर जमीनी स्तर पर विकास गौण है कब तक केंद्र की रघुवर सरकार जनता के आँखों मे धूल झोकेगी।स्थानीय विधयाक,संसद व पंचायतों के मुखिया सब की अपनी डफली..अपना राग हैं।पर इनके बीच बेचारी जनता पीस रही है।

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