पत्थर मारने वाले गुंडे हो सकते हैं शिक्षक नहीं : रघुवर दास

पलामू ‎बड़ी ख़बर

मेदिनीनगर (पलामू) :  झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि भगवान बिरसा की जयंती व झारखंड स्थापना दिवस समारोह में पत्थर चलाने वाले लोग गुंडे थे, इन्हें शिक्षक कदापि नहीं कहा जा सकता है। सीएम सोमवार को स्थानीय पुलिस स्टेडियम में प्रमंडल स्तरीय कृषि समागम में कहा कि झारखंड सरकार ऐसे चंद पारा शिक्षकों की गुंडागर्दी को सहन नहीं करेगी। सरकार टूट सकती है पर झुक नहीं सकती। पारा शिक्षक विरोधी दलों के हाथों खेल रहे हैं।

सीएम ने कहा कि सरकारी स्कूलों में गरीब का बच्चा पढ़ता है, राज्य सरकार इन्हें गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के कृतसंकल्पित है। इस स्थिति में अगर पारा शिक्षक अब भी नहीं चेते तो 50 हजार नई बहाली की जाएगी। उन्होंने कहा कि पारा शिक्षकों के कल्याण कोष में दस करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसी तरह मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारा शिक्षकों को स्थायी नहीं किया जा सकता है। इनकी सुविधाओं में बढ़ोतरी के किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का स्वागत किया जाएगा। लेकिन गुंडागर्दी किसी भी कीमत में सहन नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, रघुवर सरकार टूट सकती है, लेकिन झुकने का प्रश्न ही नहीं है। क्योंकि यह हेमंत सोरेन की कमजोर सरकार नहीं बल्कि 3.5 करोड़ राज्य वासियों के समर्थन की मजबूत सरकार है।

सीएम ने विपक्ष पर भी निशाना साधा, कहा कि सत्ता में रहते हुए इनके द्वारा पारा शिक्षकों की कोई सुध नहीं ली गई। अब चंद शिक्षकों के बूते ओछी राजनीति की जा रही है। मुख्यमंत्री ने प्रमंडल के किसानों को हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया। कहा कि सूखे की स्थिति को देखते हुए पलामू व गढ़वा के सभी व लातेहार जिले के तीन प्रखंडों को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।

इस मौके पर मुख्‍यमंत्री रघुवर दास ने सोमवार को कृषि समागम के दौरान पलामू में 238 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सीएम ने कहा कि 129 प्रखंड सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। रांची में 29-30 नवंबर को ग्लोबल एग्रिकल्‍चर समिट होगी। इसमें सात देशों के कृषि वैज्ञानिक शामिल होंगे।

जानकारी के अनुसार, रघुवर दास ने पलामू में 238.88 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान 25.47 करोड़ की लागत से नए समाहरणालय भवन व 5.32 करोड़ की लागत से बने कॉलेज का उद्घाटन हुआ। बीमोड़ से बिश्रामपुर रोड का शिलान्यास हुआ, नौडीहा, गुरी व लालगढ़ स्वस्थ केंद्र का भी उद्घाटन हुआ। इसी बीच, काले कपड़े पहन कर कार्यक्रम में आई एक आंगनबाड़ी सेविका को प्रवेशद्वार पर ही रोक लिया गया।

 

सीएम के कार्यक्रम में काले कपड़े पहन कर आई आंगनबाड़ी सेविका को अंदर प्रवेश करने से रोकती महिला पुलिसकर्मी।

गौरतलब है कि समारोह में घुसने के लिए सभी व्यक्ति को आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया था। किसी भी व्यक्ति को आधार कार्ड के बिना किसी किसी भी कार्यक्रम स्थल में घुसने की इजाजत नही ती। जबकि किसी भी व्यक्ति को ब्लैक ड्रेस या कोई भी सामग्री अपने साथ नही रखने को कहा गया था। झारखंड स्थापना दिवस के दिन रांची में पारा शिक्षकों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पारा शिक्षक आंदोलन कर रहे हैं। पलामू में रविवार को 16 पारा शिक्षकों को गिरफ्तार किया गया था। पारा शिक्षकों ने सीएम के कार्यक्रम का विरोध करने की घोषणा की है। पारा शिक्षकों के आंदोलन की घोषणा के बाद मेदिनीनगर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सीएम के मार्ग पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। 

 

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