नगर आयुक्त के कड़े तेवर

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मेदिनीनगर : अब तक जो थे शांत… आज हुए अक्रांत… देख नगर के अपने घर को… बिफर पड़े साहबान…।
जी, नगर निगम को नवसृजित तो कर दिया… व्यवस्था बढ़ाने में भी कोई कोताही नहीं बरती जा रही… मगर अपनी संपत्ति की देखरेख करने में कोताही बरत रहे कर्मीयों पर नगर आयुक्त दिनेश प्रसाद के धैर्य का बांध आज टूट गया। हर जगह अव्यवस्था का आलम देख भड़क उठे… कहा काम पर ध्यान दें वरना जगह खाली करने के लिए तैयार रहें।
 
 
दरअसल पलामू मुख्यालय आगमन के साथ ही शहर को नया रंग-रूप-आकार देने में जुटे नगर आयुक्त हर निगम के स्थल को देखने पहुंच रहे हैं। नवनिर्मित नगर भवन का निरीक्षण करने भी पहुंच गए… कार्यक्रम चल रहा था तो साउंड सिस्टम और एसी का आलम भी समझे, मगर बाकी कमरों और शौचालय को भी देखा… जहां कभी झाड़ू नहीं लगता, जहां कभी पोछा नहीं जाता, जिसकी ओर कोई झांकी मारने भी नहीं जाता… उसके रख-रखाव को लेकर, मरम्मति और सुंदरीकरण को लेकर नगर आयुक्त ने निर्देश जारी कर दिया। कहा अबकी बार मुझे कुछ दिखाई नहीं पड़ना चाहिए।
 
 
हालांकि इसी सोच और सक्रियता वाले डिप्टी मेयर को भी बड़ा रास आया… कहा सुधार की दरकार है… काम तो करना ही है… नये नगर आयुक्त से आशावान भी है और उम्मीद भी कि अब जो परिकल्पना है उसे धरातल पर उतारने में कामयाब होंगे।
 
नगर भवन को सजाने का निर्देश देकर नगर आयुक्त पैदल पांव बाहर निकले… ठेला वालों को गेट पर लगाया देख कह दिया… आज लगाया सो लगाया… कल लगाया तो पांच सौ, परसो एक हजार, अगले दिन पांच हजार… जरा ये रूप भी देखिए।
 
जब बढ़ चले तो नदी किनारे पहुंच गए… जहां मनोरमता देख हम आप सब की तरह प्रसन्न भी हुए… कल्पना मरीन ड्राइव की आई तो उसी रूप से सजाने का प्लान तैयार करने का आदेश जारी कर दिया… हमने पूछा मैन पावर कहां से लाऐंगे… शहीद रूपेश पार्क की तरह दो चार दिन  के लिए क्यों सजाऐंगे… कह डाला कमर्शियल बनाऐंगे… निर्माण होगा तो मैंटनेंस की व्यवस्था कर दी जाएगी… बस मन में चाहत और दृढ़ इच्छाशक्ति होनी चाहिए।
 
लेबर हो या वाहन हायर करो काम करो, ना संसाधन की कमी को बहाना बनाओ ना ही काम में कोताही बरतो… ये नीति लागू हो गई तो मेदिनीनगर का कायाकल्प जल्द ही हो जाएगा.. जिस दिशा में निगम की सरकार बढ़ चली है।
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884 thoughts on “नगर आयुक्त के कड़े तेवर

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