जीने की कला सिखाता है राम चरितमानस : आचार्य नीरज

गढ़वा

विश्रामपुर : विश्रामपुर प्रखंड के केतात ग्राम पंचायत में नवरात्र के अवसर पर रामकथा का आयोजन किया गया। वाराणसी से पधारे मानस मर्मज्ञ आचार्य नीरज पांडेय ग्राम वासियों को राम कथा का श्रवण करा रहे हैं। नवरात्र के तीसरे दिन कथा के दौरान उन्होंने कहा कि रामचरित मानस मात्र धर्म ग्रंथ नहीं है। रामचरित मानस लोगो को जीवन जीने की कला सिखाता है। रामचरित मानस के प्रसंग व उसका महत्व आज भी प्रसांगिक है। अगर मानव रामचरित मानस को जीवन मे आत्मसात कर ले तो बिगड़ रहा समाजिक ताना-बाना भी सुधार जाएगा और सामाजिक समरसता फिर से स्थापित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि मानस में वर्णित चरित्र को अपने जीवन मे उतारें, ताकि हमारा राष्ट्र पुन: जगत गुरु बन सके। आचार्य नीरज पांडेय ने राम कथा का संगीतमय रसपान करते हुए मानस में वर्णित प्रसंगों पर प्रभावकारी प्रकाश डाला।

(कैपिटल न्यूज़ पलामू को लाइव देखने और एप डाउनलोड करने के लिये यहां क्लिक करें)

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र होकर निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता...

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *