इस कोर्स को करने के बाद कभी बेरोजगार नहीं रहेंगे , मिलेगी लाखो की सैलरी

पलामू

आज जो मैं बताने वाला हूँ आपको जानना बेहद जरूरी है। खास कर उन छात्रों को जो अभी अभी 12th पास कर कैरियर चुनने की तैयारी में हैं। इनमें से कई छात्रों को तो मालूम है कि उन्हें जीवन मे क्या करना है पर कई छात्र ऐसे भी हैं जिनका कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं वह अब भी अपने भविष्य को लेकर उलझन में होंगे तो हम आपको बता रहे हैं। एक ऐसे करियर के बारे में जिसमें आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं और इसके लिए आपको कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं बल्कि आप ही के शहर मेदनीनगर में ही रहकर आप अपने सपनों को नई उड़ान दे सकते हैं।

पलामू जिले का सबसे प्राचीन शिक्षण संस्थान कह लें, या पलामू जिले का गौरव। जीएलए कॉलेज के बारे में तो आप सब जानते ही हैं, पर जीएलए कॉलेज में संचालित वोकेशनल कोर्स बायोटेक्नोलॉजी के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। आज हम आपको बताएंगे बायोटेक्नोलॉजी है क्या ? हम कैसे एडमिशन ले सकते हैं… कितना खर्चा आएगा …पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की कितनी संभावना होगी …इन सारे सवालों का जवाब आपको इस रिपोर्ट में मिल जाएगा।

आज हरे मटर के दाने हो यह हरे चने की सब्जी इसका स्वाद बिना मौसम के जुलाई-अगस्त में भी उठाया जा रहा है। इन के दाने 12 महीने हर घर में इस्तेमाल हो रहे हैं।

सिर्फ मटर या चना ही नहीं बल्कि अन्य सभी फल फूल सब्जियां पूरे साल बाजार में उपलब्ध हैं यह सब बायोटेक्नोलॉजी का ही कमाल है, जो खाने पीने से लेकर दवा दारू तक सभी चीजों को संरक्षित रखकर विभिन्न जगहों पर पहुंचाने का काम करती है। साइंस की यह शाखा आजकल करियर के लिहाज से भी खूब फल-फूल रही है। नई दवाइयां बनाने का मामला हो या बाजार में उपलब्ध दवाओं की गुणवत्ता में सुधार का, बायोटेक्नोलॉजी अब जरूरत बन गई है, छात्रों के लिए काफी रुचिकर भी है क्योंकि इसमें बायोकेमिस्ट्री जेनेटिक्स माइक्रोबायोलॉजी इम्यूनोलॉजी मैथ्स जैसे कई सब्जेक्ट शामिल है और यह कोर्स नीलांबर पीतांबर यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित सिर्फ एक कॉलेज जीएलए कॉलेज में सीमित सीट के साथ संचालित है। बायोटेक्नोलॉजी करने के बाद जॉब की क्या-क्या संभावनाएं हैं इसके बारे में हम जानेंगे लेकिन उससे पहले आपको बता दें की जीएलए कॉलेज में बॉयोटेक की पढ़ाई गरीब छात्रों के लिए निशुल्क है। अगर आप गरीबी रेखा से नीचे आते हैं तो आपको किसी तरह का फी जमा नही करना है, इसके अलावे बेहतर लैब निर्माण के लिए 15 लाख रुपये की स्वीकृती भी मिल चुकी है।

इससे भी ज्यादा दिलचस्प बात ये है कि एक सर्वे के मुताबिक हमारे देश में बायोटेक इंडस्ट्रीज हर साल 20% की दर से बढ़ रही है। वर्तमान सरकार ने अगले 10 सालों में बायो इंडस्ट्री कारोबार को 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। इस वजह से आने वाले दिनों में इस सेक्टर में नौकरियों के सबसे ज्यादा मौके नजर आ रहे हैं। नेशनल बायो टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट स्ट्रेटजी के अनुसार अगले 5 साल में इस सेक्टर में 7 से 8 लाख नई नौकरियां मिलने का अनुमान है। यानी कि हर साल एक लाख से भी ज्यादा नौकरियां यहां मिल सकती है और सबसे मजे की बात तो यह है कि इस सेक्टर में जरूरत से बहुत कम प्रोफेशनल हैं यानी मौके ही मौके ,इस सेक्टर में कितना स्कोप है इसका अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि देश के 300 से ज्यादा संस्थानों से करीब 50000 बायोटेक प्रोफेशनल हर साल निकलते हैं ।लेकिन इस इंडस्ट्री में हर साल करीब 80000 प्रोफेशनल्स की जरूरत सिर्फ हमारे देश मे होती है। अब समझते हैं कि बायोटेक्नोलॉजी की डिग्री ले चुके छात्रों के लिए नौकरी के क्या अवसर हो सकते हैं। ड्रग एंड फार्मास्युटिकल्स, केमिकल एनवायरनमेंट, वेस्ट मैनेजमेंट, एनर्जी, फूड प्रोसेसिंग, बायो प्रोसेसिंग क्षेत्र है के अलावा अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों में रिसर्च साइंटिस्ट ,मार्केटिंग मैनेजर, क्वालिटी कंट्रोल ऑफिसर, लैब टेक्नीशियन, सेफ्टी स्पेशलिस्ट जैसे पदों पर उनके लिए अवसर हो सकते हैं। इसके अलावा देश भर में सैकड़ों रिसर्च लेबोरेटरी है जिनमें हर साल हजारों लोगों को नियुक्त किया जाता है।

जीएलए कॉलेज में संचालित वोकेशनल कोर्स कर कई छात्र देश विदेश में ऊंचे पदों पर कार्यरत हैं, अगर आप भी बायोलॉजी से 12th किये हैं तो अप्पके लिए बेहतर अवसर है।

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