पलामू : समाज कल्याण विभाग में 11 करोड़ रुपये का घोटाला, बचने के लिए फाइल कर दी गायब

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पलामू : समाज कल्याण विभाग में आंगनबाड़ी पोषाहार मद में करीब 11 करोड़ रुपये का गबन हुआ है. राशि गबन के बाद समाज कल्याण विभाग अहम दस्तावेज को भी गायब कर दिया गया. घोटाला वितीय वर्ष 2017-18 में किया गया है.

गबन के मामले में तत्कालीन जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कुमारी रंजना, हरिहरगंज सीडीपीओ संचिता भगत, बिश्रामपुर सुधा सिन्हा, नाजिर सतीश कुमार पर मेदिनीनगर टाउन थाना में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है.

पुलिस ने जांच शुरू कर दी है

पलामू के समाज कल्याण पदाधिकारी शत्रुंजय कुमार ने पोषाहार की राशि गबन करने और दतावेज को गायब को लेकर अलग-अलग आवेदन दिया था. मामले में टाउन थाना में आईपीसी की धारा 406/409/420/120बी के तहत प्राथमिकी की गई है. एसआई प्रमोद कुमार को मुकदमे के अनुसंधान का जिम्मा दिया गया है. पलामू एसपी इन्द्रजीत महथा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

कैसे हुआ पोषाहार के नाम पर 11 करोड़ का गबन

पलामू में 2,595 आंगनबाड़ी केंद्र हैं. सभी केन्द्रों पर पूरक पोषाहार की राशि आंगनबाड़ी सेविका और माता समिति के संयुक्त खाते में जाती है. पलामू में 2017-18 में 74 आंगनबाड़ी केन्द्रों से पोषाहार खरीदा गया था. पलामू डीसी के आदेश के बावजूद तत्कालीन अधिकारियों ने सेविका और माता समिति की खाते की जगह पोषाहार की राशि फर्जी दुकानदारों के खाते में भेजी. 

फाइल भी गायब 

मामले में जिला प्रशासन की स्पेशल टीम ने जांच किया और जांच में पाया गया कि दुकानदारों ने 10 से 20 प्रतिशत की राशि की कटौती कर आंगनबाड़ी सेविका को दिया था. यह कटौती तत्कालीन समाज कल्याण पदाधिकारी, हरिहरगंज, बिश्रामपुर सीडीपीओ ने किया. जबकि नाजिर ने नियम विरुद्ध विपत्र बनाया. गबन के बाद कार्यालय से फाइल भी गायब कर दिया गया है.

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