10 लाख का इनामी नक्सली गिरफ्तार, MLA पर हमला और थाना प्रभारी को जला दिया था जिंदा

पलामू ‎बड़ी ख़बर

पलामू : गढ़वा के भंडरिया थाना प्रभारी समेत 12 पुलिसकर्मियों को जिंदा जलाने का आरोपी कुख्यात नक्सली छोटेलाल यादव को पलामू पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. छोटेलाल भंडरिया घटना को 2012 में अंजाम दिया था, उस दौरान वह माओवादी संगठन में था.

बता दें कि छोटेलाल फिलहाल जेजेएमपी का जोनल कमांडर था और सरकार ने उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. पलामू पुलिस ने इनामी नक्सली छोटेलाल यादव उर्फ छोटे यादव की गिरफ्तारी चैनपुर थाना क्षेत्र के कुटीमोड़ (रामगढ़ रोड) से हुई है.

लैंडमाइंस विस्फोट 

2012 में गढ़वा के भंडरिया थाना प्रभारी राजबली चौधरी किसी सूचना पर बड़गड जा रहे थे. इसी दौरान माओवादियों ने लैंडमाइंस विस्फोट कर पुलिस का एमएमपी गाड़ी उड़ा दिया था. विस्फोट के बाद माओवादियों ने थाना प्रभारी को जिंदा जला दिया था और जवानों के छाती पर चढ़ कर गोली मारी थी.

विधायक पर भी किया था हमला

पूरी घटना का माओवादियों ने वीडियो तैयार किया था. होटेलाल पर गढ़वा के तत्कालीन विधायक गिरिनाथ सिंह पर भी हमले का आरोप है. एसपी इन्द्रजीत महथा ने बताया कि छोटेलाल यादव उग्रवादी संगठन जेजेएमपी का जोनल कमांडर है. उन्होंने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि छोटे यादव अपने सहयोगी के साथ संगठन के कार्य के लिए चैनपुर थाना क्षेत्र आ रहा है.

टीम गठित कर कार्रवाई

वहीं, सूचना के आलोक में महथा ने एएसपी अभियान अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया. टीम में एएसपी अभियान की क्यूआरटी टीम के अलावा चैनपुर के थाना प्रभारी सुनीत कुमार, सहायक अवर निरीक्षक राजीव कुमार सिंह, पुलिस के जवानों को शामिल किया गया.

पुलिस को देख भागने लगा

पुलिस टीम ने चैनपुर-रामगढ़ मार्ग पर कुटी मोड़ के पास नाका लगाया. इसी बीच एक बाइक पर दो लोग सवार होकर आते दिखे. पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो वे भागने लगे. पुलिस ने खदेड़ कर एक व्यक्ति को पकड़ लिया, जबकि दूसरा अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा.

एक गिरफ्तार, दूसरा फरार

गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान छोटे यादव के रूप में की गई. पुलिस ने छोटे के पास से एक बाइक जब्त की है. भागने वाले व्यक्ति की पहचान संजय यादव के रूप में हुई है. वह रमकंडा थाना क्षेत्र के रक्सी गांव का रहने वाला है, जबकि छोटे यादव चिनिया थाना क्षेत्र के डोल का निवासी है. संजय यादव भी हत्या के मामलों का आरोपी है.

पहले था माओवादी

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छोटे यादव वर्ष 2008 में नक्सली संगठन भाकपा माओवादी में शामिल हुआ और हत्या, आगजनी, रंगदारी जैसी कई घटनाओं को अंजाम दिया. इसके बाद 2012 में वह माओवादी को छोड़कर जेजेएमपी में शामिल हो गया और अपने ही दो वरिष्ठ साथियों की हत्या कर शक्तिशाली बन बैठा और जोनल कमांडर की कमान संभाल ली. 

एक दर्जन से अधिक मामलों में थी तलाश

पुलिस को छोटे यादव की तलाश एक दर्जन से अधिक मामलों में थी. उस पर गढ़वा जिले में 10 और पलामू जिले में तीन संगीन मामले दर्ज हैं. इसी वर्ष चार जनवरी को उसने रामगढ़ थाना क्षेत्र के चिता पहाड़ी पर पुलिस मुठभेड़ का नेतृत्व किया था.

(कैपिटल न्यूज़ पलामू को लाइव देखने और एप डाउनलोड करने के लिये यहां क्लिक करें)

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र होकर निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता...

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *